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झारखण्ड सरकार

डीएमएफटी परिचय

पृष्ठभूमि एवं उद्देश्य

कानून द्वारा हर खनन जिले में गठित एक ट्रस्ट, ताकि खनन के साथ जीने वाले लोग उसके लाभ में भागीदार बनें।

अंतिम अद्यतन: 01 Oct 2026

डीएमएफटी क्यों है

खनन से राज्य को राजस्व मिलता है, लेकिन धूल, विस्फोट, भारी वाहनों और भूमि के नुकसान का असर खदानों के पास के गाँवों पर पड़ता है। 2015 में संसद ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 में संशोधन कर धारा 9ख जोड़ी, जिसके तहत हर खनन प्रभावित जिले में जिला खनिज फाउंडेशन अनिवार्य है।

जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट, जामताड़ा का गठन झारखण्ड जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट नियमावली, 2016 के तहत हुआ। जिले का हर खनन पट्टाधारक रॉयल्टी का एक हिस्सा ट्रस्ट को देता है। यह राशि राज्य बजट का हिस्सा नहीं है: यह ट्रस्ट के पास रहती है और केवल खनन से प्रभावित लोगों और क्षेत्रों पर खर्च होती है।

जामताड़ा के छह प्रखंडों में पत्थर, बालू और लघु खनिजों के पट्टे हैं। ट्रस्ट अपनी शासी परिषद और प्रबंधन समिति के माध्यम से तय करता है कि इस राशि से क्या बनाया जाए, और हर रुपये का सार्वजनिक हिसाब देता है।

संथाल परगना क्षेत्र में गाँव की दीवारें
संथाल परगना क्षेत्र में गाँव की दीवारें
प्राप्त राशि
₹66करोड़

2021-22 से

स्वीकृत
₹51.4करोड़

प्रबंधन समिति द्वारा

ज़मीन पर खर्च
₹37.9करोड़

स्वीकृत का 74%

परियोजनाएँ
214

छह प्रखंडों में

प्रभावित गाँव
148

प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष

राशि का प्रवाह

खदान से गाँव तक: अंशदान, निर्णय और खर्च तय नियमों के अनुसार।

खनन पट्टाधारक → डीएमएफटी जामताड़ा → उच्च प्राथमिकता क्षेत्र, अन्य प्राथमिकता क्षेत्र → प्रभावित गाँव खनन पट्टाधारक रॉयल्टी का 10% या 30% डीएमएफटी जामताड़ा ₹66 Cr उच्च प्राथमिकता क्षेत्र कम से कम 70% अन्य प्राथमिकता क्षेत्र अधिकतम 30% प्रभावित गाँव

ट्रस्ट के दायित्व

  • पहले बुनियादी ज़रूरतें

    खनन प्रभावित गाँवों में सुरक्षित पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण।

  • नुकसान कम करना

    धूल और प्रदूषण पर नियंत्रण, भूमि का पुनर्स्थापन और खदानों के पास जल स्रोतों की सुरक्षा।

  • टिकाऊ आजीविका

    कौशल, स्वयं सहायता समूह और ऐसी आय जो खदान बंद होने के बाद भी चले।

  • निर्णय में जनभागीदारी

    प्रभावित गाँवों की ग्राम सभाएँ लाभार्थियों की पहचान और कार्यों का प्रस्ताव करती हैं।

  • हर रुपये का हिसाब

    वार्षिक अंकेक्षण, वार्षिक प्रतिवेदन तथा प्राप्ति और खर्च का त्रैमासिक प्रकटीकरण।

  • दीर्घकालिक योजना

    पंचवर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना और वर्ष शुरू होने से पहले स्वीकृत वार्षिक योजना।

प्रमुख पड़ाव

  1. 2015

    एमएमडीआर संशोधन अधिनियम, 2015

    धारा 9ख के तहत हर खनन प्रभावित जिले में जिला खनिज फाउंडेशन अनिवार्य।

  2. 2015

    PMKKKY की शुरुआत

    भारत सरकार ने डीएमएफ खर्च के मार्गदर्शन हेतु प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना जारी की।

  3. 2016

    झारखण्ड डीएमएफटी नियमावली, 2016

    राज्य ने जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्टों के गठन और कार्यप्रणाली की नियमावली अधिसूचित की।

  4. 2016

    डीएमएफटी जामताड़ा का गठन

    उपायुक्त, जामताड़ा की अध्यक्षता में ट्रस्ट पंजीकृत।

  5. 2024

    संशोधित PMKKKY दिशानिर्देश, 2024

    नए दिशानिर्देशों ने 70% उच्च प्राथमिकता नियम सख्त किया, सार्वजनिक वेबसाइट अनिवार्य की और प्रशासनिक खर्च की सीमा तय की।

  6. 2026

    सार्वजनिक वेबसाइट एवं डैशबोर्ड

    प्राप्ति, स्वीकृति, कार्य और निर्णय हिंदी व अंग्रेज़ी में ऑनलाइन प्रकाशित।

सामग्री का स्वामित्व एवं रखरखाव जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट, जामताड़ा द्वारा।