डीएमएफटी परिचय
संशोधित PMKKKY दिशानिर्देश, 2024
2024 के दिशानिर्देश क्या कहते हैं: डीएमएफटी की राशि कहाँ खर्च हो सकती है और ट्रस्ट को कैसे योजना बनानी, खर्च करना और रिपोर्ट करना है।
70 : 30 का नियम
कम से कम 70% राशि उच्च प्राथमिकता क्षेत्रों में जानी चाहिए। शेष अवसंरचना और अन्य क्षेत्रों में जा सकती है।
दिशानिर्देश के अनुरूप डीएमएफटी जामताड़ा ने आवंटित किया है 75.5% स्वीकृत राशि उच्च प्राथमिकता क्षेत्रों को। फंड डैशबोर्ड
उच्च प्राथमिकता · ≥ 70%
- पेयजल आपूर्ति
- पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण
- स्वास्थ्य सेवा
- शिक्षा
- महिला एवं बाल कल्याण
- वृद्ध एवं दिव्यांग कल्याण
- कौशल विकास एवं आजीविका
- स्वच्छता
- आवास
- कृषि एवं पशुपालन
अन्य प्राथमिकता · ≤ 30%
- भौतिक अवसंरचना: सड़क, पुल, भवन
- सिंचाई
- जलछाजन विकास एवं ऊर्जा
- खनन जिले के पर्यावरण हेतु अन्य उपाय
मुख्य प्रावधान
1 प्रभावित कौन माना जाता है
प्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र वे गाँव और ग्राम पंचायतें हैं जो किसी खदान या खदान समूह से 15 किमी के भीतर हैं। अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र 25 किमी तक या नदी के बहाव की दिशा में स्थित वे क्षेत्र हैं जहाँ खनन का आर्थिक, सामाजिक या पर्यावरणीय प्रभाव पड़ता है।
प्रभावित लोगों में विस्थापित परिवार, जिनकी भूमि अर्जित हुई, जिनके भूमि पर पारंपरिक अधिकार समाप्त हुए, तथा ग्राम सभा द्वारा चिन्हित अन्य लोग शामिल हैं।
2 पहले योजना, फिर राशि
हर डीएमएफ प्रभावित क्षेत्रों के आधारभूत सर्वेक्षण पर पंचवर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना और वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले शासी परिषद द्वारा स्वीकृत वार्षिक योजना बनाता है। वार्षिक योजना से बाहर के कार्यों के लिए शासी परिषद की स्वीकृति आवश्यक है।
3 ग्राम सभा की भूमिका
प्रभावित गाँवों की ग्राम सभाएँ लाभार्थियों की पहचान करती हैं, वार्षिक योजना के लिए कार्य प्रस्तावित करती हैं और अपने क्षेत्र में स्वीकृत कार्यों की सूची प्राप्त करती हैं। अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा के प्रावधान लागू होते हैं।
4 खर्च की सीमाएँ
प्रशासनिक व्यय वार्षिक प्राप्ति के 5% तक। खनन समाप्त होने के बाद टिकाऊ आजीविका हेतु वार्षिक प्राप्ति का 10% तक बंदोबस्ती निधि के रूप में रखा जा सकता है। उसी स्थान पर चल रही सरकारी योजना की नकल वाले कार्यों पर खर्च नहीं।
5 पारदर्शिता एवं अंकेक्षण
अंशदान, लाभार्थियों, कार्यों और बैठकों के विवरण वाली वेबसाइट; राज्य विधानमंडल के समक्ष वार्षिक प्रतिवेदन; वार्षिक अंकेक्षण; तथा ग्राम सभा द्वारा कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण।